अग्निपथ योजना क्या है? इसके फायदे और नुकसान

अग्निपथ योजना क्या है? इसके फायदे और नुकसान

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको अग्निपथ योजना से मिलने वाले फायदों के बारे में विस्तार से बताएंगे। इस आर्टिकल का मूल उद्देश्य आपको अग्निपथ योजना से जुड़ी छोटी से छोटी जानकारी साझा करना है, जिससे आपके मन में इस योजना को लेकर कोई भी संदेह ना रहे। तो आइए जानते हैं अग्निपथ योजना से जुड़े तथ्यो के बारे में।

अग्निपथ योजना क्या है?

अग्निपथ भर्ती योजना (Agnipath recruitment scheme) का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को तीनों सेनाओं से जोड़ना व उन्हें भविष्य के लिए कुशल नागरिक बनाना है।इस योजना के तहत अब युवाओं को 4 साल तक सेना में भारत माता की सेवा करने का मोका मिलेगा। इस योजना के तहत देश की तीनों सेनाओं में बड़ी संख्या में युवाओं जिसमें लड़का और लड़की दोनों शामिल होंगे उन्हें सेना में 4 साल के लिए भर्ती किया जायेगा।

इस योजना के तहत सेना में शामिल होने वाले सभी युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा और उन्हें एक अग्निवीर प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। इस योजना के तहत हर साल लगभग 45 हज़ार युवाओं को सेना में शामिल होने का अवसर मिलेगा।इसके लिए उन्हें एक फिजिकल टेस्ट पास करना होगा। इन युवाओं की उम्र 17.5 से 23 साल के बीच होने अनिवार्य है। 4 साल के दौरान ही इन्हें 6 महीने की बेसिक ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

अग्निपथ योजना का उद्देश्य क्या है?

केन्द्र सरकार का कहना है कि ये योजना कई मामलों में युवाओं के लिए बेहतर साबित होगी। अब केन्द्र सरकार के तर्क समझते हैं।

1) इससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को देश की सेवा करने का अवसर मिलेगा क्योंकि हर चार साल बाद सेना में नए लोग आएंगे तो ज्यादा से ज्यादा लोगों को ये अवसर मिलेगा। इससे भारतीय सेना की जो औसत उम्र है वो 32 से घटकर 26 वर्ष हो जाएगी, यानी आज से 50 साल बाद जब देश की आबादी तेजी से बूढी हो रही होगी तब भी हमारी सेना युवा रहेगी क्योंकि इस योजना के तहत एक समय अंतराल युवा सेना में भर्ती होते रहेंगे।

2) जिन युवाओं को 4 साल के लिए सेना में भर्ती किया जाएगा उनमें से 25% युवाओं को सरकार फौज में रिटेन कर लेगी यानी वो युवा सेना में ही अपनी नौकरी बरकरार रखेंगे और सेवा देते रहेंगे और जो 75% युवा सेना से नोकरी करके बाहर आएंगे रिटायर होकर।

उनके पास सेना में काम करने का अच्छा खासा अनुभव होगा और सेवा निधि के तौर पर उन्हें लगभग 12 lakh की जमा पूंजी सेना से बाहर निकलते समय मिलेगी यानी आप ये सोचिए कि हर 4 में से जो 1 सैनिक होगा वो सेना में आगे तक काम करता रहेगा, लेकिन 4 में से 1 वो सैनिक होगा जो सर्वश्रेष्ठ होगा।

4 साल बाद यूवाओं का क्या होगा?

जो लोग ये कह रहे हैं कि 4 साल के बाद इन युवाओं का क्या होगा वो बेरोजगार हो जाएंगे तो उन लोगों को एक बात जाननी होगी कि इस योजना के तहत देश के युवा 25 साल की उम्र में आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत होंगे।

आज आप सोचिए कि कोनसा युवा 24-25 साल की उम्र में जीवन में सेटल हो जाता है लेकिन यहा ये युवा आर्थिक रूप से मजबूत हो चुके होंगे।

मान लीजिए एक युवा 21 साल की उम्र में सेना में भर्ती होता है तो 25 साल की उम्र में वो वहां से रिटायर होगा और रिटायरमेंट के बाद उसे सरकार की तरफ से 11 लाख 71 हजार रुपए सेवा निधि पैकेज के तौर पर मिलेंगे.

इसके अलावा सेना में चार साल काम करने का शानदार अनुभव उसके पास होगा।सरकार उस सैनिक को एक प्रमाण पत्र अलग से देगी जिसे अग्निवीर कौशल प्रमाण पत्र नाम दिया गया है।

अग्निवीर कौशल प्रमाण पत्र से कोन-कोन से लाभ मिलेंगे?

उन अग्नि वीरों को जिनके पास अग्निवीर कौशल प्रमाण पत्र होगा उन्हें राज्यो पुलिस और सहयोगी बलों में नोकरी में प्राथमिकता मिलेगी।कई राज्य सरकारों ने इस चीज की मंजूरी दे दी है।

सबसे बड़ी बात जो आज आपको समझनी है वो ये है कि जब आप 4 साल के बाद रिटायर होकर सेना से बाहर आएंगे तो आपको लगभग 12 लाख रुपए मिलेंगे उसके साथ आपको एक अग्निवीर कौशल प्रमाण पत्र दिया जाएगा और उस प्रमाण पत्र के आधार पर जो पुलिस की भर्ती होगी , स्टेट पुलिस की उन सबमें आपको प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा केन्द्र सरकार भी इन्हें अलग अलग नोकरियों में प्राथमिकता देगी जैसे :

1) सेंट्रल आर्म्ड पुलिस में जो नोकरियां है उनमें इन अग्नि वीरों को प्राथमिकता दी जाएगी।

2) असम राइफल्स की भर्ती में भी इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी

3) सरकार जो इन्हें प्रमाण पत्र देगी उसके आधार पर इन अग्नि वीरों को आसानी से लोन मिलेगा जिससे अगर ये चाहें तो अपना खुदका वेवसाय भी शुरू कर सकते हैं।

4) प्राइवेट सेक्टर में भी इनके लिए बहुत सी नोकरियां उपलब्ध होंगी क्योंकि ये अग्निवीर सैना में काम करने की वजह से Skilled और इनकी क्षमता पहले के मुकाबले सैना की ट्रेनिंग की वजह से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी होगी।

5) इसके अलावा सरकार ने भी कहा है कि जो अग्निवीर 10वीं कक्षा के बाद सैना में शामिल होंगे उन्हें सरकार नौकरी करने के साथ साथ एक स्पेशल कोर्स के तहत 12वी की पढ़ाई करने का मोका देगी और उन्हें skill प्रोग्राम से भी जोड़ा जाएगा।

शहीद या हादसे का शिकार होने पर क्या होगा?

अगर सेवा के दौरान कोई जवान शहीद होता है तो उसके परिवार को पूरा इंश्योरेंस कवर मिलेगा। परिवार को सेवा निधि समेत लगभग एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। बची हुई सेवा की पूरी सैलरी भी परिवार को मिलेगी। सेवा के दौरान अगर जवान दिव्यांग हो जाता है तो दिव्यांगता के प्रतिशत के हिसाब से मुआवज़ा दिया जायेगा और इसके साथ ही बची हुई सेवाकाल की पूरी सैलरी भी जवान को दी जाएगी।

आशा करता हूं कि मैं आज आपको इस आर्टिकल के माध्यम से अग्नीपथ योजना के बारे में सारी जानकारी अच्छे से समझा पाया।

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